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भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद् (ICFRE) देश में वानिकी संसाधनों के सतत् प्रबंधन तथा विकास की दिशा में वानिकी अनुसंधान, शिक्षा, व विस्तार के समग्र विकास हेतु निर्धारित ध्येय आधारित कार्यक्रमों का क्रियान्वयन कर रही है। मुझे शुष्क वन अनुसंधान संस्थान की वेबसाइट को प्रस्तुत करते हुए अपार हर्ष हो रहा है। मैं आशा करता हूं कि यह वेबसाइट वानिकी क्षेत्र से जुड़े संगठनों, सहयोगियों, पणधारियों (स्टेकहोल्डर) तथा जनमानस के लिए नवीन जानकारी प्रदान करने में उपयोगी सिध्द हो सकेगी। लम्बे अरसे से वानिकी के क्षेत्र में विकास की नई मांग ने जोर पकड़ा है। |
| परिषद् ने जलवायु परिवर्तन के मसले पर गौर किया है तथा संयुक्त राष्ट्र सम्मेलनों में एक सक्रिय प्रेक्षक के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत किया है। हमने पैरोकार देशो के सम्मेलनों तथा नैरोबी व बाली में नियंत्रित निकायों की बैठकों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। परिषद् ने सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर वन हमलावर प्रजातियों के विरुद्ध मुकाबला करने हेतु मोर्चा खोला है। हम परिषद् के नियमित योजनाबध्द कार्यक्रमों, अनुमोदित अनुसंधान परियोजनाओं के परिप्रेक्ष्य में प्रयोक्ताओं (Users) की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अग्रसर हैं। परिषद् में वन संवर्ध्दन, कृषिवानिकी, जैव प्रौद्योगिकी, वृक्ष सुधार, काष्ठ तकनीकी, वनोपज तथा पर्यावरणीय प्रबंधन युक्तियों के क्षेत्र में विकसित की गई तकनीकियों व संलेखों (protocols) को लघु व दीर्घ अवधि पाठयक्रमों, कार्यशालाओ, प्रशिक्षण तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों के जरिये प्रयोक्ता एजेंसियों तक उपलब्ध करवाया है। परिषद् प्रभावी मूल्यांकन कार्यों में परामर्शदाता के तौर पर जल उर्जा प्रतिष्ठानों, खनिज कंपनियों, जलापूर्ति एजेंसियों व नगर पालिकाओं को वृक्ष-वीथि तथा वृक्ष-समूह के रख-रखाव तथा विकास हेतु परिवर्तन आधारित गुणवत्तापूर्ण विषेषज्ञ सेवाएं प्रदान कर रही है। |
| परिषद् विशिष्ट परामर्शदाता के रूप में राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड से वित्त पोषित परियोजनाओं का मूल्यांकन, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन तथा राष्ट्रीय जल विद्युत उर्जा निगम की जल उर्जा परियोजनाओं की प्रबंधन योजनाओं का निरूपण, सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण तथा राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम की पुनर्जुड़ाव व पुनर्स्थापन योजनाओं का सूत्रीकरण कार्य सम्मिलित हैं। |
| जलवायु परिवर्तन पर वन कटाई से कम हो रहे उत्सर्जन विषयक वन जलवायु परिचर्चा पर परिषद् ने विशिष्ट भूमिका का निर्वहन किया है तथा उचित, वैज्ञानिक तथा साम्य तौर पर वन संरक्षण के पक्ष में अंतर्राष्ट्रीय बातचीत (समझौता) के माध्यम से अपना प्रभाव सिध्द किया है। |
| वानिकी शिक्षा के विश्वव्यापी सुधार को बढ़ावा दिए जाने हेतु वानिकी शिक्षा दे रहे विश्वविद्यालयों को वित्तीय सहायता मुहैया कराई जा रही है ताकि इनकी ढ़ांचागत संरचनाओं का सुद्ढ़ीकरण हो तथा शिक्षण और अनुसंधान क्षमताओं में बढ़ोतरी हो सके। वानिकी शिक्षा की गुणवत्ता तथा वन अनुसंधान संस्थान विश्वविद्यालयों के वानिकी के छात्रों को रोजगार मुहैया कराने पर अधिक ध्यान दिया गया है। |
| भारतीय वानिकी एवं शिक्षा परिषद्, देहरादून के अनुसंधान शिक्षा तथा विस्तार कार्यकलापों के संदर्भ में जहां यह वेबसाइट एक प्रबोधक सिध्द होगी वहीं आपसे प्राप्त होने वाली प्रतिक्रिया से हमें प्रसन्नता होगी। |
(डा.वी.के.बहुगुणा)
महानिदेशक |